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कौन सा जिला है महिलाओं से लूटपाट के मामले में अव्वल ?

कौन सा जिला है महिलाओं से लूटपाट के मामले में अव्वल ?

2018-02-14 10:52:08
कौन सा जिला है महिलाओं से लूटपाट के मामले में अव्वल ?

जयपुर । प्रदेश में महिलाओं से मंगलसूत्र, चेन, गहने, नकदी और मोबाइल लूट के केस दर्ज होने के मामले में जयपुर पूर्व जिला अव्वल है। वहीं दूसरे स्थान पर जयपुर पश्चिम है जबकि तीसरे स्थान जयपुर दक्षिण है. जबकि चौथे स्थान पर कोटा शहर है। वहीं पांचवें स्थान पर अजमेर जिला है। विधानसभा में भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा के प्रश्न पर गृह विभाग ने यह लिखित जवाब दिया है। सदन में पेश जवाब के मुताबिक 1 जनवरी 2014 से 31 दिसबरं 2017 तक प्रदेश में महिलाओं से लूट के 1931 मामले दर्ज हुए। इस दौरान पुलिस ने 1835 आरोपियों को धरदबोचा । वहीं महिलाओं से गिरफ्तार बदमाशों से 832 आइटमों की बरामदगी की गई। जवाब के मुताबिक जयपुर पूर्व में इन दौरान सबसे ज्यादा केस दर्ज हुए है। यहां पर 233 केस दर्ज हुए, और 111 आरोपी पकड़े गए। जबकि जयपुर पश्चिम में महिलाओं से लूट के 200 के दर्ज हुए और 204 आरोपी गिरफ्तार हुए। वहीं जयपुर दक्षिण में 197 केस दर्ज हुए और 143 आरोपी गिरफ्तार किए गए। जबकि कोटा शहर में 121 केस दर्ज हुए और यहां पर 130 आरोपियों को पकड़ा गया। अजमेर में 112 केस दर्ज हुए और 166 आरोपी गिरफ्तार हुए। वहीं उदयपुर में महिलाओं से लूटपाट के 100 केस दर्ज हुए, वहीं 85 आरोपी गिरफ्तार किए गए। लेकिन यह आपको यह जानकर हैरत होगी कि सिर्फ पिछले चार साल में सिरोही और कोटा ग्रामीण में महिलाओं से लूटपाट का सिर्फ एक-एक केस दर्ज हुआ और कुल सात आरोपी गिरफ्तार किए गए। वहीं सदन में गृह मंत्री गुलाबचन्द कटारिया ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि पूरे राजस्थान में महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों में 12 प्रतिशत की कमी आई है। अपराध घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि थाने पर्याप्त है, कोई व्यक्ति चाहे तो अपने मुकदमें को महिला थाने में स्थानान्तरित करवा सकता है।

गृहमंत्री ने महिला थानों पर पूछे गए सवाल पर बताया कि राजस्थान में 40 पुलिस जिले हैं और प्रत्येक में महिला थाना खुला हुआ है। केवल कोटा में 330 मुकदमें दर्ज है। छह जिले ऎसे हैं जिनमें 200-300 तक मुकदमें, 17 जिले ऎसे हैं जिनमें 100-200 तक मुकदमें, 16 जिले ऎसे हैं जिनमें 0-100 तक मुकदमें दर्ज हैं। इन मुकदमों की संख्या को देखते हुए महिला थाने खोले जाने की आवश्यकता महसूस नहीं होती। गृह मंत्री ने बताया कि 861 थानों में से 786 थानों में महिला डेस्क बनी हुई है, ताकि महिला अपनी बात को कह सके। इससे पहले विधायक द्रोपती द्वारा पूछे गए मूल प्रश्न के जवाब में गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक जिला केन्द्र (जिला मुख्यालय) पर महिला पुलिस थाने खुले हुए हैं। कटारिया ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में प्रत्येक उपखण्ड मुख्यालय पर महिला पुलिस थाने खोलने संबंधी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।


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