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‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ योजना के तहत उद्योगों को तकनीकों के साथ उत्पादकों की आमदनी भी बढ़ेगी-नवनीत सहगल

‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ योजना के तहत उद्योगों को तकनीकों के साथ उत्पादकों की आमदनी भी बढ़ेगी-नवनीत सहगल

2018-05-16 16:13:13
‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ योजना के तहत उद्योगों को तकनीकों के साथ उत्पादकों की आमदनी भी बढ़ेगी-नवनीत सहगल

पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना पर  45.52 करोड़ रुपये होंगे व्यय - नवनीत सहगल

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम वित्त पोषित इकाईयों को 13 प्रतिशत तक ब्याज उपादान मिलेगा
ब्याज उपादान का लाभ ऋण की प्रथम किश्त अवमुक्त होने की तिथि से तीन वर्ष तक देय होगा
‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ योजना के तहत स्थापित उद्योगों की वित्तीय स्थिति में होगा सुधार
लखनऊ:-उत्तर प्रदेश सरकार ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण शिक्षितों का पलायन रोकने के उद्देश्य से पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना प्रारम्भ की है। इस योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत वित्त पोषित इकाईयों को 13 प्रतिशत तक ब्याज उपादान की सुविधा 3 वर्षों तक उपलब्ध कराई जायेगी। इससे ‘‘एक जनपद एक उत्पाद’’ योजना के तहत स्थापित उद्योगों को नवीन तकनीकों के साथ-साथ उत्पादकों की आमदनी बढ़ेगी। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार भी सृजित होंगे।
यह जानकारी प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत अधिकतम 25 लाख रुपये तक ऋण बैंको द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। राज्य सरकार पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से अब ऋण का ब्याज स्वयं वहन करेगी। ब्याज उपादान का लाभ ऋण की प्रथम किश्त अवमुक्त होने की तिथि से तीन वर्ष तक देय होगा। इससे काफी हद तक गांव में बेरोजगारी की समस्या का समाधान होगा और शहरों की ओर पलायन भी रूकेगा। प्रदेश के जनपदों में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा गांवों को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में गति मिलेगी तथा परम्परागत उद्योगों के साथ-साथ नवीन तकनीक पर आधारित उद्योगों की स्थापना भी होगी। उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रक्रियाएं आॅनलाइन की जायेंगी।
श्री सहगल ने बताया कि पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के प्रभावी संचालन हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 45.52 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत ऋण मिलने के बाद ही इकाईयां इस योजना के अन्तर्गत ब्याज उपादान प्राप्त करने के लिए पात्र होंगी। ऋण धनराशि पर बैंक द्वारा लिये जाने वाले ब्याज की धनराशि का क्लेम पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना लागू होने के पश्चात प्रत्येक छमाही जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। इसके पश्चात ब्याज उपादान की धनराशि सीधे लाभार्थी के पक्ष में बैंक को उपलब्ध करा दी जायेगी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि जनपद के मुख्य विकास अधिकारी योजना के आहरण वितरण अधिकारी होंगे। ब्याज उपादान का लाभ परियोजना के अनुसार इकाई स्थापित/कार्यरत रहने पर ही अनुमन्य रहेगा। उद्यमी द्वारा यदि 03 वर्ष के अन्दर उद्योग बंद कर दिया जाता है, ऐसी दशा में उद्यमी से ब्याज उपादान की वसूली की जायेगी।


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