लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व एमएलसी और खनन माफिया मोहम्मद इकबाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार इकबाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इकबाल ने 100 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर उनमें अपने काले धन को इधर से उधर किया है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने इन कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है।
सूत्रों की मानें तो इकबाल ने इन कंपनियों के जरिये अरबो के काले धन का हेर फेर किया है। जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इकबाल की पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा से गहरी साठगांठ थी। आपको बता दें कि बाबू सिंह कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले में आरोपी हैं। बाबू सिंह कुशवाहा की जांच के दौरान ही मोहम्मद इकबाल ईडी के निशाने पर आया। वर्तमान में ईडी अलावा कई अन्य जांच एजेंसियां भी इकबाल के बारे में पड़ताल कर रही हैं।
इकबाल के खिलाफ सेव इंडिया ग्रुप नाम की संस्था ने अलग-अलग एजेंसियों में शिकायत की है। इस संस्था ने इकबाल से जुड़े कई साक्ष्य भी सौंपे हैं। उन्हीं के आधार पर एजेंसियां अपने तरीके से पड़ताल कर रही हैं। सेव इंडिया ग्रुप ने आरोप लगाया है कि इकबाल ने दिल्ली समेत कई शहरों में 115 से ज्यादा शैल कंपनियां खोली और उसने इन कंपनियों में करोड़ों के काले धन का निवेश किया। जब एजेंसियों ने इस शिकायत की जांच शुरू की तो पता चला कि ज्यादातर शैल कंपनियों में इकबाल के करीबी, नौकर, खानसामा व चालक डायरेक्टर हैं। जांच में 80 से ज्यादा कंपनियों के पते फर्जी पाए गए।
करीब 10 साल पहले सहारनपुर में फलों की दुकान लगाने वाला मोहम्मद इकबाल आज अरबों का मालिक बन गया। ईडी ने इकबाल द्वारा अपनी यूनिवर्सिटी को दिए गए संदिग्ध डोनेशन और 11 शुगर मिल खरीदने की जांच शुरू की थी, जिसके बाद बाकी एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व एमएलसी और खनन माफिया मोहम्मद इकबाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार इकबाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इकबाल ने 100 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर उनमें अपने काले धन को इधर से उधर किया है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने इन कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है। सूत्रों की मानें तो इकबाल ने इन कंपनियों के जरिये अरबो के काले धन का हेर फेर किया है। जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इकबाल की पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा से गहरी साठगांठ थी। आपको बता दें कि बाबू सिंह कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले में आरोपी हैं। बाबू सिंह कुशवाहा की जांच के दौरान ही मोहम्मद इकबाल ईडी के निशाने पर आया। वर्तमान में ईडी अलावा कई अन्य जांच एजेंसियां भी इकबाल के बारे में पड़ताल कर रही हैं।
इकबाल के खिलाफ सेव इंडिया ग्रुप नाम की संस्था ने अलग-अलग एजेंसियों में शिकायत की है। इस संस्था ने इकबाल से जुड़े कई साक्ष्य भी सौंपे हैं। उन्हीं के आधार पर एजेंसियां अपने तरीके से पड़ताल कर रही हैं। सेव इंडिया ग्रुप ने आरोप लगाया है कि इकबाल ने दिल्ली समेत कई शहरों में 115 से ज्यादा शैल कंपनियां खोली और उसने इन कंपनियों में करोड़ों के काले धन का निवेश किया। जब एजेंसियों ने इस शिकायत की जांच शुरू की तो पता चला कि ज्यादातर शैल कंपनियों में इकबाल के करीबी, नौकर, खानसामा व चालक डायरेक्टर हैं। जांच में 80 से ज्यादा कंपनियों के पते फर्जी पाए गए।
करीब 10 साल पहले सहारनपुर में फलों की दुकान लगाने वाला मोहम्मद इकबाल आज अरबों का मालिक बन गया। ईडी ने इकबाल द्वारा अपनी यूनिवर्सिटी को दिए गए संदिग्ध डोनेशन और 11 शुगर मिल खरीदने की जांच शुरू की थी, जिसके बाद बाकी एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।
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