सेफर इंटरनेट डे के मौके पर मंगलवार सुबह आर जे प्रतीक के मॉर्निंग शो पर साइबर बुलइंग पे बात करने रेडियो मिर्ची स्टूडियो पहुंचे एस.पी साइबर क्राइम यू पी पुलिस रोहन कनय । एस.पी साइबर क्राइम ने बताया की दुनिया के एक तिहाई बच्चे जिनकी उम्र 13 -15 के बीच है साइबर बुलइंग का शिकार है और ऐसे में अभिभावकों का सतर्क रहना बहुत आवश्यक है । साइबर बुलइंग एक ऐसा साइबर क्राइम है जिसमें युवाओं को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है । यह एक तरह का ब्लैकमेलिंग का तरीका है जिसमें बच्चे और युवाओं को उनके शारीरिक रूप और उनके द्वारा इंटरनेट पैर शेयर किये गए डाटा उठा कर उनकी प्राइवेट बातों को सार्वजनिक करने की ब्लैकमेलिंग की जाती है और फेक आई डी से उनसे गलत कार्य कराया जाता है और न करने पर धमकी भी दी जाती है । बच्चे भय से इससे अपने अभिभावकों को नहीं बताते और साइबर बुलइंग का शिकार होते हैं ।
आर जे प्रतीक के शो पर लिसनर द्वारा पूछे गए गोपनीयता के सवाल पर एस पी साइबर क्राइम ने बताया की कंप्लेंट करने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाती है साथ ही विक्टिम की काउंसलिंग सेशन भी किया जाता है । साइबर बुलइंग की शिकायत लोग अपने नज़दीकी थाने या स्पेशल साइबर सेल में कर सकते हैं जो हर डिस्ट्रिक्ट में अब बनायीं गयी है। लखनऊ के लोग हज़रतगंज थाना और विभूति खंड में बने साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं । इसके अलावा डायरेक्ट वो cybercrime.gov.in पर जाकर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं । उन्होंने पेरेंट्स को हिदायत दी की अगर बच्चा अचानक खाना पीना छोड़ दे, उसके व्यव्हार में अधिक बदलाव नज़र आये और बच्चा बहुत डरा सहमा सा रहे तो सतर्क होने की ज़रुरत है बच्चा साइबर बुलइंग का शिकार हो सकता है । उन्होंने बताया की यू पी पुलिस को तुरंत 112 पर संपर्क करें महिलायें 1090 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं ।
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