अप्रैल से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवरात्रि का प्रारंभ होने जा रहा है. हिन्दू नववर्ष पर ही नए साल की शुरुआत मानी जाती है. मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरानइस चैत्र नवरात्र किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है. कलश स्थापना का मुहूर्त महत्वपूर्ण है. कलश स्थापना का समय. विधि-विधान से मां दुर्गा से भक्त मनोकामनाएं पूरी हो जाती है.सुबह नौ से शाम 5 पांच बजे तक सूर्यास्त तक कलश स्थापना कर सकते हैं. हिंदू पंचाग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र प्रारंभ होते हैं. 8 अप्रैल से रात 11 बजकर 55 मिनट तक ये तिथि शुरू हो जाएगी. नौ अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 33 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. इस दौरान कभी भी कलश स्थापना और शुभ कार्य किए जा सकते हैं.
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